कविता - तूफानों से लड़ना होगा

तूफानों से लड़ना होगा

लक्ष्य पाना है तो कुछ बड़ा करना होगा
तूफानों से भी लड़ना होगा

आलस्य त्याग कर जीना होगा
शरीर तपाकर फौलाद बनना होगा
तूफानों से लड़ना होगा

गिरने से न डर, चलना होगा
रुकने से, न हल होगा
तूफानों से लड़ना होगा

मेहनत कर संकटो से जूझना होगा
सपनों को हकीकत में बदलना होगा
तूफानों से लड़ना होगा

तू शांत कैसे रह सकता है
तू मौन कैसे हो सकता है
तू कायर कैसे बन सकता है
तुझे भविष्य गढ़ना होगा
तूफानों से लड़ना होगा

संकल्प दें मन के भावों को
तू तोड़ दे सारे बंधन को
राष्ट्र निर्माण के लिए चलना होगा
तूफानों से लड़ना होगा

स्वरचित 
सुरेश कुमार पाटीदार 
05.09.2026
कविता - तूफानों से लड़ना होगा